वामपंथी दलों की अगुआई में देशभर के 35 हजार किसान संसद भवन के सामने धरना देने पहुंचे। इतनी बड़ी रैली के दौरान प्रशासन ने महज 3500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। किसान कर्जमाफी, फसलों के दाम में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया और खेती पर संकट को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। धरने में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राकांपा चीफ शरद पवार और लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला, माकपा नेता सीताराम येचुरी शामिल हुए।
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों और युवाओं के लिए एक होना पड़ेगा। राहुल ने कहा, "देश का किसान आपके (मोदी के) दोस्त का अनिल अंबानी का विमान नहीं मांग रहा, वह सिर्फ अपना हक मांग रहा। आज हिंदुस्तान के सामने दो बड़े मुद्दे हैं, पहला किसाने के भविष्य का मुद्दा और दूसरा युवाओं के रोजगार का। इनके भविष्य के लिए जनता को अगर मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को बदलना पड़े तो बदल दो।"
मोदी सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया
केजरीवाल ने कहा- मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं। इस नाते आप लोगों का दिल्ली में स्वागत है। आप बार-बार दिल्ली आइए। मुझे दुख इस बात का है कि आप दिल्ली दुख की घड़ी में आए हैं, दुखी होकर आए हैं। सरकार से नाराज होकर आए हैं। भाजपा ने पिछले चुनाव के पहले किसानों से जितने वादे किए थे, उन सारे वादों से मुकर गई। स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था, 100 रुपए लागत पर 50 रुपए मुुनाफा देंगे। अब सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं कर सकते।
'किसानों के हित में नीतियां बनाएंगे'
सीताराम येचुरी ने कहा, ''आज एक वैकल्पिक सरकार की जरूरत है। किसान मोदी सरकार को हटाएंगे और ऐसी सरकार लाएंगे, जो उनके हित में नीतियां बनाए। हम महाभारत के पांडवों की तरह मोदी सरकार को हराएंगे। कौरव 100 भाई थे, इनमें से दो के नाम ही लोग जानते हैं दुर्योधन और दुशासन। भाजपा भी कहती है कि हम इतनी बड़ी पार्टी हैं, लेकिन उनके बाकी नेताओं को कोई नहीं जानता। दुर्योधन और दुशासन की तरह मोदी-शाह का नाम ही चलता है।''
दर्शन में राकांपा चीफ शरद पवार और लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव शामिल हुए। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला, तृणमूल के दिनेश त्रिवेदी और अन्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
गुरुवार को निकाला था 26 किलोमीटर लंबा मार्च
किसानों ने गुरुवार को भी 26 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला था। इसमें बिहार, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक आदि राज्यों किसान शामिल थे। इस दौरान स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव और मेधा पाटकर भी शामिल हुईं।
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